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  • Published on 11 Aug, 2023

    Updated on 25 Feb, 2025

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वर्तमान समय में दुनिया कई अलग-अलग महामारियों के दौर से गुजर रही है। कोरोना वायरस, मंकी पॉक्स से लेकर टोमैटो फ्लू तक सभी गंभीर बीमारियां बन जाती है, जब इंसान थोड़ी सी लापरवाही करना शुरू कर देता है। आज के समय में टोमैटो फ्लू भारत में अपना पैर धीरे-धीरे पसार चुका है। आइए जानते हैं, टोमैटो फ्लू क्या है, टोमैटो फ्लू के लक्षण, कारण और इलाज इत्यादि।

टोमैटो फ्लू क्या है?

भारत में यह नई बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। हैंड फुट माउथ डिजीज (HFMD), जिसे टोमैटो फीवर के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चे और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को अपना शिकार बनाती है। टोमैटो फ्लू का पहला मामला 6 मई 2022 को केरल में पाया गया था। 

टोमैटो फ्लू एक तरह से अस्पष्टीकृत वायरल डिजीज है। जो बच्चों में अज्ञात बुखार और परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के बॉडी पर फफोले और छाले पड़ जाते है। 

टोमैटो फ्लू के लक्षण क्या है?

टोमैटो फ्लू से प्रभावित लोगों में निम्नलिखित लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

  • लाल बड़े फफोले होना
  • तेज बुखार होना
  • थकान
  • चकत्ते
  • त्वचा में जलन होना
  • दस्त होना
  • जोड़ों पर सूजन
  • बॉडी पेन
  • डिहाइड्रेशन
  • पेट में एंठन
  • नाक बहना 
  • भूख में कमी होना

टोमैटो फ्लू के कारण क्या है?

टोमैटो फ्लू के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, इसके कारणों की जांच जारी है। लेकिन एक बात तय है कि यह वायरस सोर्स-कोविड से जुड़ी हुई नहीं है। 

टोमैटो फ्लू का इलाज क्या है?

टोमैटो फ्लू के इलाज के लिए अभी तक कोई विशिष्ट दवा नहीं है। यह बीमारी अभी हाल ही में उभर कर सामने आई है और वैज्ञानिको का रिसर्च अभी चल रहा है। डॉक्टर मरीज की बीमारी के लक्षणों और जरूरतों के आधार पर इलाज करते हैं। दर्द निवारक दवा या बुखार कम करने के लिए दवाएं प्रदान की जाती हैं। 

टोमैटो फ्लू से बचने के उपाय क्या है?

किसी भी तरह के संक्रमण को फैलने से रोकना, बीमारी को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका है। टौमैटो फ्लू को बढ़ने से रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय है।

  • संक्रमित व्यक्ति के डायरेक्ट संपर्क में आने से बचें।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें।
  • गुनगुना पानी पीने की कोशिश करें।
  • साफ-सफाई बनाएं रखें।
  • संक्रमित व्यक्ति के सामान को साझा न करें।
  • फफोले को छूने से बचें।
  • इस बीमारी को लेकर लोगों को जागरुक करें।

टोमैटो फ्लू की पहचान कैसे करें?

जिन लोगों में टोमैटो फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहें हैं, उनके बीमारी का निदान मोलिक्यूलर और सेरोलॉजिकल जांच के जरिए किया जाता है। इस जांच के द्वारा हरपीस, चिकनगुनिया, डेंगू इत्यादि का पता किया जाता है। 

सारांश - 

इस महामारी के दौर में अब एक और नई बीमारी टोमैटो फ्लू ने दस्तक दे दी है और ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आपको गंभीर परेशानी में डाल सकती है। इस बीमारी से 10 वर्ष से कम उम्र के लोग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं। इस बीमारी का पहला मामला केरल में पाया गया है। 

यह एक वायरल संक्रमित बीमारी है, जिसमें आपको बुखार या परेशानी हो सकती है और शरीर पर फफोले और छाले पड़ जाते हैं। टोमैटो फ्लू के लक्षण तेज बुखार, डायरिया, बॉडी पेन, नाक बहना, लाल बड़े फफोले इत्यादि है। टोमैटो फ्लू के सटिक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जांच चल रही है। टोमैटो फ्लू के इलाज के लिए अभी कोई विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है, इसका इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। 

ऐसे में टोमैटो फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचना चाहिए। गुनगुना पानी पीने की कोशिश करें, फफोले को छूने से बचें, साफ-सफाई बनाएं रखें। यदि टोमैटो फ्लू को अनदेखा करते हैं तो यह गंभीर बीमारी में बदल सकती है और आपको अस्पताल के चक्कर के साथ भारी खर्चों का भुगतान भी करना पड़ सकता हैं। 

आप गंभीर बीमारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) भी करा सकते हैं, जहां आपको एक साथ कई बीमारियों के लिए कवरेज मिलता है। आप केयर हेल्थ के क्रिटिकल इलनेस प्लान (Critical Illness Plan) को ले सकते हैं और एक साथ 30 से ज्यादा बीमारियों के लिए कवरेज प्राप्त कर सकते हैं।

>> जाने: आई फ्लू क्या है? देखें, इसके कारण और घरेलू इलाज

डिस्क्लेमर: टोमैटो फ्लू के किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। हेल्थ इंश्योरेंस के दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है। ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

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