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Published on 16 Mar, 2023
Updated on 2 Apr, 2025
264163 Views
5 min Read
Written by Care Health Insurance
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आज के समय में व्यस्त जीवन और खराब लाइफस्टाइल की वजह से कई सारी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। लोगों को खुद के स्वास्थ्य पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पा रहा है। खासकर महिलाएं, जो घर और बाहर के काम को तो अच्छे से सम्भाल लेती हैं, लेकिन खुद की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करती रहती है। और वहीं छोटी-छोटी समस्याएं आगे जाकर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं। इन्हीं में से एक है पीसीओडी (PCOD) यानी पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज।
पीसीओडी की समस्या महिलाओं और लड़कियों में बहुत कॉमन हो गई है। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ ऐंड रिसर्च के अनुसार हमारे देश में करीब 10 प्रतिशत महिला आबादी पीसीओडी की समस्या से ग्रसित है। आइए जानते हैं, पीसीओडी कैसे होता है?
पीसीओडी का मतलब है पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज, जो महिलाओं में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। यह महिलाओं में होने वाला एक हार्मोनल विकार है, जहां हॉर्मोन संतुलन बिगड़ने के कारण ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट का निर्माण होता है, जो गांठ की तरह दिखाई देते हैं। पीसीओडी के कारण महिलाओं में बांझपन, अनियमित पीरियड्स इत्यादि जैसी कई समस्याएं हो सकती है। पीसीओडी की समस्या 14 से 45 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे मामलों में मरीज के चेहरे और दूसरे अंगो पर रोएं और बालों का निकलना शुरू हो जाता है।
हालांकि, पीसीओडी के मुख्य कारणों का अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इसके जोखिम कारक निम्नलिखित हो सकते हैं:-
पीसीओडी के लक्षण सबमें अलग-अलग हो सकते हैं। यह लक्षण उनकी शारीरिक स्थिति के आधार पर निर्भर करते हैं। उन्हीं में से पीसीओडी के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार है:-
पीसीओडी को ठीक करना कोई बड़ी बात नहीं है। अपने लाइफस्टाइ में बदलाव कर के और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप पीसीओडी जैसी बीमारी से छुटकारा पा सकती हैं। अपने डेली रुटीन में योगा व एक्सरसाइज को शामिल करें। आप इसे दवाइयों के द्वारा भी नियंत्रित कर सकती हैं लेकिन शारीरिक वर्कआउट बहुत जरूरी है।
>> यह भी जानें: प्रेगनेंसी में महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर से कैसे बचें
किसी भी बीमारी का इलाज करने से पहले, उसकी जांच करना अत्यंत आवश्यक है। यदि आपको पीसीओडी के लक्षण या संकेत मिलते है तो आप निम्नलिखित जांच करा सकते हैं:-
पीसीओडी का इलाज पूरी तरह से संभव नहीं है। इसके लक्षणों को दवाओं और सर्जरी के माध्यम से कम किया जा सकता है। इसके अलावा आप पीसीओडी का घरेलू उपचार कर के यानी लाइफस्टाइल में बदलाव कर के भी इसके लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं। नीचे कुछ टिप्स बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने के बाद आप इसे ठीक कर सकते हैं:-
यदि आपके मन में भी ऐसा विचार आता है कि, क्या पीसीओडी में आप प्रेगनेंट हो सकती है या नहीं? क्या पीसीओडी प्रेगनेंसी को प्रभावित करता है? तो दोनों का जवाब हां है। पीसीओडी प्रेग्नेंसी को प्रभावित जरूर करता है लेकिन इस में प्रेग्नेंसी संभव जरूर हो सकती है। सामान्य महिलाओं की तुलना में पीसीओडी वाली महिलाओं को प्रेगनेंसी में ज्यादा समय लग सकता है और दूसरी अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसो मामलों में अपने लाइफस्टाइल में बदलाव और सही इलाज के द्वारा इस परेशानी को नियंत्रित किया जा सकता है।
पीसीओडी में प्रेगनेंसी के लक्षण सभी महिलाओं में अलग-अलग होते हैं। यह महिला के स्वास्थ्य और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। पीसीओडी में गर्भधारण के लक्षण निम्नलिखित है:-
सारांश:- महिलाओं में पीसीओडी होना बहुत आम हो गया है। शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से ओवरी में सिस्ट बन जाते हैं, जिसके कारण यह होता है। इसके कारण प्रिग्नेंसी और पीरियड्स में बहुत परेशानी होती है। अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर के और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।
साथ ही किसी भी चिकित्सा के वित्तिय बोझ से बचने के लिए आप हेल्थ इंश्योरेंश पॉलिसि (health insurance policy) भी ले सकते हैं। ऐसे में आपके लिए केयर हेल्थ इंश्योरेंस का जॉय मैटरनिटी इंश्योरेंस प्लान (Maternity Health Insurance) उपयोगी साबित हो सकता है, यह अपने बेस्ट प्लान के साथ मां और बच्चे के लिए कई स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है। आप चाहें तो फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस (best family insurance) भी ले सकते हैं, जिसमें आपके परिवार के सभी सदस्यों को बीमा प्राप्त होता है। ऐसे समय में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको वित्तिय रूप से कमजोर होने से बचती है और खर्चों से आपको टेंशन फ्री रखती है। यहाँ डे-केयर ट्रीटमेंट से लेकर और भी कई विकल्प होते हैं, जिसे आप अपने सुविधानुसार चुन सकते हैं।
डिस्क्लेमर: पीसीओडी से जुड़े कोई भी लक्षण या संकेत मिलने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। इंश्योरेंस प्लान की सुविधाएँ, लाभ और कवरेज भिन्न हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
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