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फेफड़ों में इन्फेक्शन के लक्षण क्या है? देखें, इसका इलाज

  • Published on 23 Aug, 2023

    Updated on 29 Mar, 2025

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फेफड़ा हमारे शरीर में ऑक्सीजन का संचार करता है, ब्लड को शुद्ध करता है और सांस को फिल्टर करने का काम करता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के फेफड़े में कही से वायरस, बैक्टीरिया और फंगस विकसित होना शुरू कर देते हैं, तो फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। फेफड़ों में एयर सैक होता है, मतलब हवा की छोटी-छोटी थैलियां, जो इन्फेक्शन के कारण मवाद या अन्य द्रव से भर जाता हैं। जिसके कारण सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगती है।

फेफड़ों में संक्रमण क्यों होता है?

फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति को लंग इन्फेक्शन कहा जाता है। यह इन्फेक्शन लंग में मौजूद हवा की छोटी-छोटी थैलियों में भी हो सकता है, इसे निमोनिया कहा जाता है। इसके अलावा इन्फेक्शन लंग के बड़े एयरवेज में भी हो सकता है, जिसे ब्रोंकाइटिस के नाम से जाना जाता है।

लंग इन्फेक्शन कितने प्रकार के होते हैं?

फेफड़ों में संक्रमण के निम्नलिखित प्रकार हो सकते हैं:-

  • निमोनिया
  • फ्लू
  • ब्रोंकाइटिस
  • टीबी

फेफड़ों में इन्फेक्शन के लक्षण क्या है?

लंग इन्फेक्शन होने पर निम्नलिखित लक्षण हो सकते है:-

  • खांसी के साथ बलगम और ब्लड आने की समस्या
  • सांस लेने में समस्या होना 
  • सीने में दर्द होना
  • मांसपेशियों में दर्द होना 
  • गले में दर्द होना
  • घरघराहट की समस्या 
  • थोड़े काम या सामान्य क्रिया से जल्दी थकान होना 
  • उल्टी-दस्त के साथ जी मिचलाना
  • हृदय गती का बढ़ना

लंग इन्फेक्शन के कारण क्या है?

फेफड़ों में इन्फेक्शन के मुख्य कारण दो है, वायरस और बैक्टीरिया। जब रोगी सांस लेता है तो ये रोगाणु फेफड़े में चले जाते है और फेफड़े में हवा की छोटी-छोटी थैलियों में जमा हो जाते हैं। इसके बाद उनकी संख्या बढ़ने लगती है और वो बढ़ने लगते हैं, जो संक्रमण का कारण बनते हैं।

यह संक्रामक भी हो सकता है, यानी व्यक्ति के खांसने, बोलने, छिंकने आदि से भी दूसरे में फैल सकता है।  लंग इन्फेक्शन बढ़ाने वाले मुख्य कारक निम्नलिखित है”:-

  • धुम्रपान
  • सेकेंड हैंड स्मोक
  • फैक्ट्रियों में काम करना
  • इम्यून सिस्टम कमजोर करने वाले रोग
  • वृद्धावस्था का समय

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लंग्स इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए?

फेफड़ों में संक्रमण होने पर आप निम्नलिखित खाद्य-पदार्थों का सेवन कर सकते हैं, जिससे आपको संक्रमण से राहत मिलेगी:-

साबुत अनाज

फेफड़ों के लिए साबुत अनाज बहुत हेल्दी होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जैसे- फाइबर, विटामिन ई, इत्यादि। साथ ही यह एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। आप अपने डाइट में जौ, गेहूं, मूंग इत्यादि को शामिल कर सकते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी सब्जियों में आप ब्रोकली, बीन्स, पालक इत्यादि का सेवन कर सकते हैं, यह आपके फेफड़ों के लिए बहुत फायदेमंद है।

चुकंदर

चुकंदर में कई जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जैसे- मैग्नीशियम, विटामिन सी, पोटैशियम इत्यादि। यह लंग इंफेक्शन में काफी फायदेमंद होता है।

संतरा

संतरा एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी फेफड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

सेब

सेब में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई और सी पाया जाता है, जो फेफड़ों के संक्रमण के अलावा बाकी रोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

पपीता

लंग के इंफेक्शन को कम करने के लिए पपीता बहुत सही माना जाता है। आप सुबह में खाली पेट पपीते का सेवन कर सकते हैं।

कीवी

कीवी एक ऐसा फल है जिसमें बहुत सारे विटामिंस और मिनरल्स पाए जाते हैं। नियमित रूप से सुबह खाली पेट कीवी खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। कीवी ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में भी मदद करता है। कीवी का सेवन आपके फेफेड़ों के संक्रमण को धीरे-धीरे कम करता है।

तरबूज

तरबूज फेफड़ों के संक्रमण में बहुत फायदेमंद होता है। यह आपके लंग इंफेक्शन को कम करता है। इसके जूस का सेवन फेफडों में जमी गंदगी को बाहर निकालती है।

अमरूद 

वैसे तो अमरूद पेट की सफाई करने के लिए बहुत फायदेमंद फल माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर पेट की गैस, कब्ज, एसिडिटी की समस्या को पूरी तरह खत्म करने में बहुत मददगार होता है। अमरूद फेफड़ों की सफाई करने का काम करता है। आप नियमित रूप से सुबह में एक अमरूद का सेवन कर सकते हैं।

लंग इन्फेक्शन से कैसे बचें?

  • हेल्दी डाइट का पालन करें।
  • धूम्रपान बंद करें
  • भरपूर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • शुद्ध पानी का सेवन करें
  • तनाव लेने से बचें
  • पर्याप्त मात्रा में नींद लें
  • नियमित रूप से  30 मिनट एक्सरसाइज करें
  • प्रदूषण से बचने की कोशिश करें
  • स्वच्छता बनाएं रखें

लंग इन्फेक्शन के घरेलू उपचार क्या है?

फेफड़े में इन्फेक्शन का घरेलू इलाज कई कारको पर निर्भर करता है, इसका इलाज निम्नलिखित है:-

  • यदि फेफड़ों में कफ होने के लक्षण महसूस हो रहे हो, तो भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। इससे बलगम पतला होता है और खांसी के साथ बाहर निकल जाता है।
  • गले में दर्द को ठीक करने के लिए नमक और गर्म पानी के गरारे करें।
  • स्टीम भी ले सकते हैं यानी गर्म पानी का भाप लें। आप चाहें तो उसमें थोड़ी मात्रा में मेन्थॉल भी मिला सकते हैं।
  • आप खांसी में आराम पाने के लिए निंबू और शहद के गर्म पेय का सेवन कर सकते हैं।

सारांश

फेफड़ों में संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से होता है। यदि किसी के फेफड़ों में वायरस या बैक्टीरिया  विकसित होना शुरू हो जाता है तो यह इंफेक्शन का रूप ले लेता है। लंग इंफेक्शन के मुख्य प्रकार निमोनिया, फ्लू, ब्रोंकाइटिस, टीबी है। इसके लक्षण खांसी और बलगम में ब्लड आना, सांस लेने में परेशानी, गले में दर्द होना, घरघराहट आदि है।

इसके कारण प्रदूषण, धुम्रपान, वृद्धावस्था, इम्यूनिटी कमजोर होना, इत्यादि है। कुछ फल और सब्जियों के सेवन से फेफड़ों के संक्रमण को कम किया जा सकता है, जैसे- सेब, संतरा, साबुत अनाज, पपीता, कीवी इत्यादि। लंग इन्फेक्शन एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने से आसानी से फैल सकती है।

ऐसे बीमारियों में वीत्तिय रूप से तैयार रहने के लिए आप हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) भी करा सकते हैं, जो आपको अस्पताल के खर्चों से बचाता है। आप केयर हेल्थ के क्रिटिकल इलनेस प्लान (Critical Illness Insurance) को खरीद सकते हैं और अपने आप को बीमारी के वीत्तिय बोझ से बचा सकते हैं। आप सीनियर सिटीजन प्लान(health insurance plan for senior citizen) को भी आजमा सकते हैं, जो बुजुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद है।

डिस्क्लेमर: फेफड़ों में संक्रमण के मामले में डॉक्टर से तत्काल परामर्श करें। दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है। कृप्या ब्रोशर और प्रॉस्पेक्टस को ध्यान पूर्वक पढ़ें।

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