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भारत में बढ़ रहे कैंसर के लक्षण, कारण और इलाज क्या है?

  • Published on 28 Feb, 2023

    Updated on 1 Apr, 2025

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कैंसर - डराने के लिए नाम ही काफी है। दुनियाभर में मौत के लिए दूसरा सबसे प्रमुख कारण कैंसर है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार आज के समय में हर वर्ष 10 मिलियन कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। इसके नए आकलन के अनुसार भारत के हर 10 लोगों में से एक व्यक्ति अपने पूरे जीवनकाल में कैंसर विकसित कर सकता है और 15 लोगों में एक की मृत्यू कैंसर से हो सकती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबित कैंसर से जुड़े भारत में कुछ चौकानें वाले आंकड़े भी मिले हैं, जो इस प्रकार है:- 

  • हर साल भारत में 16 मिलियन कैंसर से जुड़े मामले रिपोर्ट किए जाते हैं।
  • भारत में कैंसर के प्रकार में 6 तरह के कैंसर ज्यादा होते हैं, जिसमें फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, पेट का कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल है।

कैंसर क्या है?

शरीर में होने वाली असामान्य और खतरनाक स्थिति, जिसमें कोशिकाओं की असामान्य वृद्धी होती है, उसे कैंसर कहते हैं। हमारे शरीर में कोशिकाओं का लगातार विभाजन होना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिस पर शरीर का पूरा नियंत्रण रहता है। लेकिन जब किसी विशेष अंग की कोशिकाओं पर शरीर का नियंत्रण नहीं रहता है तो वे असामान्य रूप से बढ़ने लगती है और ट्यूमर का रूप ले लेती है, इसे कैंसर कहा जाता है। ज्यादातर कैंसर ट्यूमर के रूप में होते हैं, लेकिन ब्लड कैंसर के मामले में ट्यूमर नहीं होता है। एक बात यह भी ध्यान रखें की हर ट्यूमर कैंसर नहीं होता है। 

आसान शब्दों में कहें तो, कैंसर शरीर में होने वाली असामान्य स्थिति है, जिसमें कोशिकाएं असाधारण रूप से बढ़ने लगती है और बढ़ी हुई चर्बी की एक गांठ बन जाती है, जिसे ट्यूमर कह सकते हैंं। यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। आमतौर पर, कैंसर में होने वाले ट्यूमर दो तरह के होते हैं, पहला बिनाइन ट्यूमर और दूसरा मैलिग्नैंट ट्यूमर। मैलिग्नैंट ट्यूमर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलता है जबकि बिनाइन नहीं फैलता है।

कैंसर के लक्षण क्या है?

सभी कैंसर के लक्षण उसके प्रकार और स्थान के अनुसार अलग-अलग होते हैं। लेकन कुछ अन्य लक्षण भी हैं जो देखे जा सकते हैं, जैसे:- 

  • शरीर का वजन अचानक कम होना या बढ़ जाना
  • ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना
  • त्वचा में गांठ बनना
  • त्वचा के रंग में बदलाव होना
  • पाचन संबंधी समस्या, कब्ज या दस्त होना
  • आवाज बदल जाना
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द 
  • घाव ठीक होने में ज्यादा समय लगना
  • भूख कम लगना
  • लिम्फ नोड्स में सूजन

कैंसर के कारण क्या है?

कैंसर होने के पीछे कोई ज्ञात कारण नहीं है। लेकिन कुछ पदार्थ जिन्हें कोर्सिनोजन कहा जाता है, वो कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है, और यह कारक कैंसर होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक निम्नलिखित है:- 

  • तंबाकू खाना या सिगरेट पीना - तंबाकू या उससे बने उत्पाद जैसे सिगरेट, गुटखा या चुईंगम आदि का लंबे समय तक सेवन फेंफड़े या मुंह के कैंसर का कारण बन सकता है।
  • अल्कोहोल - लंबे समय से शराब पीना लिवर कैंसर को बढ़ावा देता है। साथ ही शरीर के अन्य कई हिस्सों में कैंसर के खतरे को बढ़ावा देता है।
  • जीन - कैंसर के लिए जीन भी एक प्रमुख कारण हैं। यदि परिवार में किसी को कैंसर का इतिहास है, तो इस बीमारी के होने की संभावना ज्यादा होती है।
  • वायरस - वायरस जो कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं उनमें हेपेटाइटिस बी और सी होते हैं, जो 50 प्रतिशत तक लिवर कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। साथ ही ह्यूमन पैपिलोमा वायरस 99.9 प्रतिशत मामलों में सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • अनहेल्दी फूड्स - अनहेल्दी फूड्स या रिफाइंड खाद्य पदार्थ, जिनमें फाइबर की मात्रा कम होती है, वो कोलन कैंसर की संभावना को बढ़ाते हैं।
  • एक्स रे - बार-बार एक्स रे करवाने के कारण भी रेडिएसन के संपर्क में आने से कैंसर होने के खतरे को बढ़ावा मिलता है।

कैंसर के स्टेज कितने होते हैं?

कैंसर के ज्यादातर मामलों में ट्यूमर होता है और इन्हें गंभीरता के आधार पर चार स्टेज में बांटा गया है। जो निम्नलिखित है:-

  • स्टेज 0 - इस स्टेज में आपको कैंसर नहीं होता है। लेकिन शरीर में कुछ असाधारण कोशिकाएं मौजूद हो सकती है, जो कभी कैंसर की संभावन को बढ़ा सकती है।
  • स्टेज 1 - प्रथम स्टेज में कैंसर का ट्यूमर छोटा होता है। इसमें कैंसर कि कोशिकाएं सिर्फ एक क्षेत्र में फैली होती है।
  • स्टेज 2 और 3 - दूसरे और तीसरे स्टेज में, आपके शरीर के ट्यूमर का आकार बड़ा हो जाता है और कैंसर की कोशिकाएं अपने पास के स्थित अंगों और लिम्फ नोड्स में फैलती है।
  • स्टेज 4 - चौथे चरण में कैंसर अपने आखिरी स्टेज में होता है। इसे मेटास्टेटिक कैंसर भी कहा जाता है। यह स्टेज जानलेवा साबित हो सकता है। इसमें कैंसर दूसरे अंगो तक फैल चुका होता है। 

कैंसर का इलाज क्या है?

कैंसर का इलाज उसके प्रकार, स्टेज और स्थान के आधार पर किया जाता है। यह डॉक्टर तय करते हैं कि आपके कैंसर के लिए कौन सा उपचार सही है । सामान्य तौर पर कैंसर का इलाज सर्जरी, नॉन-सर्जरी, हार्मोन थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, कीमोथेरेपी और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट इत्यादि द्वारा किया जाता है। कैंसर ट्रीटमेंट निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:- 

सर्जरी - कैंसर के इलाज में सर्जरी द्वारा कोशिकाओं के असाधारण रूप से बढ़ने वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है। इसे बायोप्सी तकनीक द्वारा किया जाता है, जब ट्यूमर तक आसानी से पहुंचा जा सके। यदि कैंसर दूसरे हिस्सो में नहीं फैला है तो सर्जरी बेस्ट ऑप्शन है।

रेडिएशन थेरेपी - यह नॉन सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें रेडिएशन थेरेपी (Radiation Tharepy) कैंसर कोशिकाओं पर डायरेक्ट असर करती है। इसमें गामा रेडिएशन की मदद से असामान्य रूप से बढ़ रही कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।

कीमोथेरेपी - कैंसर के इलाज के लिए किमोथेरेपी (Chemotherapy) कई चरणों में किया जाता है। इसमें विशेष प्रकार के ड्रग्स, दवा के जरिए बढ़ रही कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।

इम्यूनोथेरेपी (immunotherapy) - यह आपके इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए प्रबल बनाती है।

हार्मोन थेरेपी - हार्मोन थेरेपी के जरिए हार्मोन से प्रभावित कैंसर का इलाज किया जाता है। इस थेरेपी से प्रोस्टेट कैंसर  (Prostate Cancer) और स्तन कैंसर का काफी सुधार होता है। 

कैंसर से कैसे बचें?

अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर के, हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर और जोखिम कारको को कम कर के कैंसर से बचा जा सकता है: - 

  • शराब के सेवन से बचें
  • धूम्रपान से बचें
  • फाइबर युक्त आहार का सेवन करें
  • ज्यादा फैट(वसा) लेने से बचें
  • नियमित रूप से सारे वैक्सीन लें
  • तनाव से बचें
  • बीएमआई चेक कराते रहें
  • हेल्दी जीवनशैली को अपनाएं

सारांश - शरीर में असामान्य रूप से कोशिकाओं का लगातार बढ़ना कैंसर का रूप धारण करता है। अचानक वजन बढ़ना या घटना, त्वाचा के रंग में परिवर्तन, गांठ आदि कैंसर के कुछ लक्षण हैं, जिसका संकेत मिलते ही आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाकर आप कैंसर के जोखिम कारक से बच सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं। 

 

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>> जानिए: ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण और संकेत

डिस्क्लेमर: कैंसर से जुड़े कोई भी लक्षण या संकेत मिलने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। कैंसर इंश्योरेंस प्लान की सुविधाएँ, लाभ और कवरेज भिन्न हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

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