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Published on 7 Mar, 2023
Updated on 18 Feb, 2025
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4 min Read
Written by Care Health Insurance
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भारत में हर साल कैंसर के मामलों में इजाफा हो रहा है। साल 2022 में कैंसर के मामले 14,61,427 थे, जब कि साल 2021 में इसके मामले 14,26,447 और 2020 में 13,92,179 मामले थे। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (NCDIR) के अनुसार भारत में हर 10 में एक व्यक्ति को कैंसर होने की संभावना होती है। इसलिए कैंसर की रोकथाम और लोगों में इसकी जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।
तमाम कोशिशों के बावजूद, हर साल कैंसर से कई लोगों की जान जाती है। “यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन” की माने तो पुरुषों में पांच तरह के कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। आइए जानते हैं पुरुषों में होने वाले वो पांच तरह के कैंसर और उसके लक्षण के बारे में, जिनके होने की संभावना ज्यादा होती है।
फेफड़ों के कैंसर का सबसे प्रमुख कारण तंबाकू का सेवन या धूम्रपान है। ऐसा भी नहीं है, कि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं उनको फेफड़ों का कैंसर नहीं हो सकता है, उन्हें भी लंग कैंसर हो सकता है। आजकल शहरों की पदूषित हवा भी लंग कैंसर का कारण बन रही है। लंग कैंसर की जांच के लिए सिने का एलडीसीटी(LDCT) टेस्ट किया जाता है, यानी लो-डोज सीटी स्कैन।
लंग कैंसर के बाद सबसे ज्यादा मौतें प्रोस्टेट कैंसर के कारण होती है। यह कैंसर सिर्फ पुरुषों में होता है, क्योंकि प्रोस्टेट ग्रंथी महिलाओं में नहीं पाई जाती है। प्रोस्टेट ग्लैंड पुरुषों में यूरीन और स्पर्म को कंट्रोल करता है। प्रोस्टेट कैंसर कि जांच PSA यानी प्रोस्टेट स्पेसीफिक एंटीजेन टेस्ट के द्वारा किया जाता है।
कोलोरेक्ट कैंसर को कोलन कैंसर, रेक्टल कैंसर या बड़ी आंत का कैंसर भी कहा जाता है। यह कैंसर कोलन (आंत) या रेक्टल (मलाशय) में होता है, इसलिए इसे कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है। इसकी शुरूआत में बड़ी आंत में छोटे-छोटे गांठों की तरह क्लम्प्स दिख सकते हैं, जो आगे चलकर कैंसर में विकसित होते हैं। इसके ज्यादातर मामले अडेनोमाटोस पॉलिप्स नामक कोशिकाओं के छोटे गुच्छे की तरह शुरू होते हैं और कैंसर मुक्त होते हैं। समय बीतने के साथ इनमें से कुछ कोशिकाएं कैंसर विकसित करती हैं और कोलोरेक्टल कैंसर का कारण बन जाती हैं ।
ब्लैडर यानी मूत्राशय शरीर में पेट के निचल हिस्से में स्थित एक खोखली थैलीनुमा अंग है, जहां यूरीन इकट्ठा होता है। इस कैंसर में ब्लैडर के अंदर असाधारण और अनियंत्रित रूप से कोशिकाएं विकसित होने लगती है। यह कैंसर महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा होता है और किसी भी उम्र में हो सकता है।
स्किन कैंसर किसी को भी हो सकता है। इस बीमारी में त्वचा के टीश्यू में घातक कैंसर कोशिकाएं बनती है और असामान्य रूप से बढ़ने लगती है। इसका शिकार किसी भी स्किन कलर के लोग हो सकते हैं। लेकिन यह ज्यादातर गोरे स्किन वाले लोगों को प्रभावित करती है, क्योंकि उनमें मेलेनिन नामक पिग्मेंट की मात्रा कम होती है।
ये है पांच तरह के कैंसर और उसके लक्षण, जो पुरुषों में सबसे ज्यादा होते हैं। जब हमारे शरीर में कुछ सेल असामान्य रूप से अनियंत्रित हो कर बढ़ने लगते हैं, तो कैंसर की शुरुआता होती है। कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसका सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।
यदि किसी के साथ, ऐसी स्थिति होती है तो उसकी जीवनशैली बुरी तरह से प्रभावित होती है और उसका परिवार भी भारी वित्तिय संकट से घिर जाता है। ज्यादातर लोग इसके लिए पहले से तैयार नहीं होते हैं। जो लोग वित्तिय रूप से तैयार नहीं होते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य बिमा एक बेहतर विकल्प है। ऐसे मुश्किल घड़ी में, यह आपको वित्तिय बोझ से बचाता है और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है, जहां आप खर्चों की चिंता किए बिना बीमारी का इलाज बिमा कंपनी के नटवर्क अस्पताल में आसानी से करा सकते हैं।
अपने सुविधानुसार आप चाहें तो केयर हेल्थ इंश्योरेंस के कैंसर इंश्योरेंस प्लान (Cancer Insurance Plan) को आजमा सकते हैं, जहां आपको मिलता है किफायती रेट में फुल ट्रीटमेंट और साथ में बहुत सारी सुविधाएं। आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) लेना एक समझदारी का विचार है, जो आपको किसी भी स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने के लिए वित्तिय रूप से हमेशा तैयार रखता है।
>> जानिए कैंसर क्या है? देखें कैंसर के स्टेज, लक्षण और इलाज
डिस्क्लेमर: किसी भी तरह के कैंसर से जुड़े लक्षण या संकेत मिलने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श करें। कैंसर इंश्योरेंस प्लान की सुविधाएँ, लाभ और कवरेज भिन्न हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
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